🕉️ Hindu Calendar 2026

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जनवरी 2026 — भारत

🎉 पर्व एवं व्रत

  • सफला एकादशी — 1 जनवरी — भगवान विष्णु की पूजा का दिन, मनोकामना पूर्ण होती है।
  • पौष पूर्णिमा — 3 जनवरी — इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है।
  • संकष्टी चतुर्थी — 6 जनवरी — भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है।
  • षटतिला एकादशी — 15 जनवरी — भगवान विष्णु को तिल अर्पित करने से पुण्य मिलता है।
  • मकर संक्रांति — 15 जनवरी — सूर्य देव की पूजा, खिचड़ी का दान, पतंग उड़ाना शुभ माना जाता है।
  • माघ अमावस्या — 17 जनवरी — पितरों के तर्पण के लिए यह दिन विशेष है।
  • गणेश जयंती — 23 जनवरी — भगवान गणेश की जन्मतिथि, पूजा और आराधना का दिन।
  • वसंत पंचमी — 2 फरवरी — विद्या और कला की देवी सरस्वती की पूजा का दिन।

🌕 चंद्र तिथियाँ

पूर्णिमा (Full Moon): 3 जनवरी, पौष पूर्णिमा

अमावस्या (New Moon): 17 जनवरी, माघ अमावस्या – पितरों के लिए श्राद्ध व तर्पण का महत्व।

एकादशी: शुक्ला एकादशी — 15 जनवरी, षटतिला एकादशी & कृष्णा एकादशी — 1 जनवरी, सफला एकादशी

✨ शुभ मुहूर्त

जनवरी में गृह प्रवेश, नए व्यवसाय की शुरुआत और विवाह के लिए कुछ शुभ मुहूर्त हैं। 15 जनवरी से सूर्य उत्तरायण होने से शुभ कार्यों के लिए अच्छा समय माना जाता है। पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करें।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

यह भगवान विष्णु का मंत्र है, जिसके जाप से शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।

फरवरी 2026 — भारत

🎉 पर्व एवं व्रत

  • जया एकादशी — 1 फरवरी — भगवान विष्णु की आराधना से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • वसंत पंचमी — 2 फरवरी — विद्या और कला की देवी सरस्वती की पूजा का दिन।
  • माघ पूर्णिमा — 2 फरवरी — इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का महत्व है।
  • संकष्टी चतुर्थी — 5 फरवरी — भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है।
  • विजया एकादशी — 14 फरवरी — भगवान विष्णु की कृपा से हर कार्य में विजय प्राप्त होती है।
  • महा शिवरात्रि — 17 फरवरी — भगवान शिव की आराधना का विशेष दिन, व्रत और पूजा का महत्व।
  • फाल्गुन अमावस्या — 17 फरवरी — पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए दान और तर्पण करें।

🌕 चंद्र तिथियाँ

पूर्णिमा (Full Moon): 2 फरवरी, माघ पूर्णिमा

अमावस्या (New Moon): 17 फरवरी, फाल्गुन अमावस्या – पितृ दोष निवारण के लिए महत्वपूर्ण।

एकादशी: शुक्ला एकादशी — 1 फरवरी, जया एकादशी & कृष्णा एकादशी — 14 फरवरी, विजया एकादशी

✨ शुभ मुहूर्त

फरवरी में विवाह और गृह प्रवेश के लिए कुछ शुभ मुहूर्त हैं। महा शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत फलदायी होता है। पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करें।

ॐ नमः शिवाय

यह भगवान शिव का मूल मंत्र है, जिसके जाप से शांति और कल्याण होता है।

मार्च 2026 — भारत

🎉 पर्व एवं व्रत

  • आमलकी एकादशी — 3 मार्च — भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा का दिन।
  • होली — 5 मार्च — रंगों का त्योहार, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक।
  • फाल्गुन पूर्णिमा — 4 मार्च — होलिका दहन का दिन, बुराई का नाश होता है।
  • संकष्टी चतुर्थी — 7 मार्च — भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है।
  • पापमोचनी एकादशी — 16 मार्च — भगवान विष्णु की आराधना से पापों का नाश होता है।
  • चैत्र अमावस्या — 19 मार्च — पितरों की शांति के लिए दान और तर्पण करें।

🌕 चंद्र तिथियाँ

पूर्णिमा (Full Moon): 4 मार्च, फाल्गुन पूर्णिमा

अमावस्या (New Moon): 19 मार्च, चैत्र अमावस्या – पितरों के आशीर्वाद के लिए उत्तम।

एकादशी: शुक्ला एकादशी — 3 मार्च, आमलकी एकादशी & कृष्णा एकादशी — 16 मार्च, पापमोचनी एकादशी

✨ शुभ मुहूर्त

मार्च में गृह प्रवेश और नए व्यवसाय की शुरुआत के लिए कुछ शुभ मुहूर्त हैं। होली का त्योहार पारिवारिक एकता और प्रेम का प्रतीक है। पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करें।

हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे।।

यह महामंत्र है, जिसके जाप से मन शांत होता है और भक्ति बढ़ती है।

अप्रैल 2026 — भारत

🎉 पर्व एवं व्रत

  • कामदा एकादशी — 1 अप्रैल — भगवान विष्णु की पूजा से मनोकामना पूर्ण होती है।
  • चैत्र नवरात्रि प्रारंभ — 21 मार्च — देवी दुर्गा की नौ दिनों तक पूजा, व्रत और आराधना।
  • गुड़ी पड़वा — 21 मार्च — मराठी नववर्ष का आरंभ, शुभता का प्रतीक।
  • राम नवमी — 29 मार्च — भगवान राम का जन्मदिवस, पूजा और उत्सव का दिन।
  • संकष्टी चतुर्थी — 6 अप्रैल — भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है।
  • वरुथिनी एकादशी — 15 अप्रैल — भगवान विष्णु की आराधना से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
  • चैत्र पूर्णिमा — 2 अप्रैल — हनुमान जयंती, भगवान हनुमान का जन्मदिवस।
  • वैशाख अमावस्या — 18 अप्रैल — पितरों के तर्पण के लिए यह दिन विशेष है।

🌕 चंद्र तिथियाँ

पूर्णिमा (Full Moon): 2 अप्रैल, चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती)

अमावस्या (New Moon): 18 अप्रैल, वैशाख अमावस्या – पितरों के लिए श्राद्ध कर्म करें।

एकादशी: शुक्ला एकादशी — 1 अप्रैल, कामदा एकादशी & कृष्णा एकादशी — 15 अप्रैल, वरुथिनी एकादशी

✨ शुभ मुहूर्त

अप्रैल में विवाह, गृह प्रवेश और नए व्यवसाय की शुरुआत के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं। राम नवमी का दिन भगवान राम की पूजा के लिए अत्यंत शुभ है। चैत्र नवरात्रि में देवी दुर्गा की आराधना करें। पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करें।

ॐ श्री हनुमते नमः

यह भगवान हनुमान का मंत्र है, जिसके जाप से शक्ति और सुरक्षा मिलती है।

मई 2026 — भारत

🎉 पर्व एवं व्रत

  • मोहिनी एकादशी — 14 मई — भगवान विष्णु की पूजा से मोह का नाश होता है।
  • वैशाख पूर्णिमा — 2 मई — बुद्ध पूर्णिमा, भगवान बुद्ध का जन्मदिवस।
  • संकष्टी चतुर्थी — 5 मई — भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है।
  • अपरा एकादशी — 29 मई — भगवान विष्णु की आराधना से पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • ज्येष्ठ अमावस्या — 18 मई — पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए दान और तर्पण करें।

🌕 चंद्र तिथियाँ

पूर्णिमा (Full Moon): 2 मई, वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा)

अमावस्या (New Moon): 18 मई, ज्येष्ठ अमावस्या – पितरों की कृपा प्राप्त करें।

एकादशी: शुक्ला एकादशी — 14 मई, मोहिनी एकादशी & कृष्णा एकादशी — 29 मई, अपरा एकादशी

✨ शुभ मुहूर्त

मई में विवाह और गृह प्रवेश के लिए कुछ शुभ मुहूर्त हैं। बुद्ध पूर्णिमा के दिन दान करना पुण्यदायी होता है। पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करें।

बुद्धं शरणं गच्छामि। धम्मं शरणं गच्छामि। संघं शरणं गच्छामि।

यह बौद्ध धर्म का मूल मंत्र है, जिसका अर्थ है बुद्ध, धर्म और संघ की शरण में जाना।

जून 2026 — भारत

🎉 पर्व एवं व्रत

  • निर्जला एकादशी — 13 जून — बिना जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की पूजा, विशेष फलदायी।
  • ज्येष्ठ पूर्णिमा — 1 जून — इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है।
  • संकष्टी चतुर्थी — 4 जून — भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है।
  • योगिनी एकादशी — 27 जून — भगवान विष्णु की आराधना से रोगों का नाश होता है।
  • आषाढ़ अमावस्या — 16 जून — पितरों की शांति के लिए दान और तर्पण करें।

🌕 चंद्र तिथियाँ

पूर्णिमा (Full Moon): 1 जून, ज्येष्ठ पूर्णिमा

अमावस्या (New Moon): 16 जून, आषाढ़ अमावस्या – पितरों का तर्पण करें।

एकादशी: शुक्ला एकादशी — 13 जून, निर्जला एकादशी & कृष्णा एकादशी — 27 जून, योगिनी एकादशी

✨ शुभ मुहूर्त

जून में विवाह और गृह प्रवेश के लिए कुछ शुभ मुहूर्त हैं। निर्जला एकादशी का व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है। पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करें।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

यह महामृत्युंजय मंत्र है, जिसके जाप से मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है और स्वास्थ्य लाभ होता है।

जुलाई 2026 — भारत

🎉 पर्व एवं व्रत

  • आषाढ़ी एकादशी — 12 जुलाई — भगवान विष्णु की पूजा का दिन, महाराष्ट्र में विशेष महत्व।
  • गुरु पूर्णिमा — 1 जुलाई — गुरु का सम्मान करने का दिन, ज्ञान का प्रकाश फैलता है।
  • संकष्टी चतुर्थी — 4 जुलाई — भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है।
  • कामिका एकादशी — 26 जुलाई — भगवान विष्णु की आराधना से मनोकामना पूर्ण होती है।
  • श्रावण अमावस्या — 16 जुलाई — पितरों के तर्पण के लिए यह दिन विशेष है।

🌕 चंद्र तिथियाँ

पूर्णिमा (Full Moon): 1 जुलाई, गुरु पूर्णिमा

अमावस्या (New Moon): 16 जुलाई, श्रावण अमावस्या – पितरों के लिए श्राद्ध व तर्पण करें।

एकादशी: शुक्ला एकादशी — 12 जुलाई, आषाढ़ी एकादशी & कृष्णा एकादशी — 26 जुलाई, कामिका एकादशी

✨ शुभ मुहूर्त

जुलाई में गृह प्रवेश और नए व्यवसाय की शुरुआत के लिए कुछ शुभ मुहूर्त हैं। गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु का आशीर्वाद लेना अत्यंत शुभ होता है। पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करें।

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥

गुरु ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान हैं, गुरु ही परब्रह्म हैं, ऐसे गुरु को नमस्कार।

अगस्त 2026 — भारत

🎉 पर्व एवं व्रत

  • श्रावण पूर्णिमा — 30 जुलाई — रक्षाबंधन, भाई-बहन के प्रेम का त्योहार।
  • संकष्टी चतुर्थी — 3 अगस्त — भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है।
  • पवित्रा एकादशी — 10 अगस्त — भगवान विष्णु की आराधना से पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • जन्माष्टमी — 25 अगस्त — भगवान कृष्ण का जन्मदिवस, पूजा और उत्सव का दिन।
  • सिंह अमावस्या — 14 अगस्त — पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए दान और तर्पण करें।
  • अजा एकादशी — 24 अगस्त — भगवान विष्णु की आराधना से पापों का नाश होता है।

🌕 चंद्र तिथियाँ

पूर्णिमा (Full Moon): 30 जुलाई, श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन)

अमावस्या (New Moon): 14 अगस्त, सिंह अमावस्या – पितृ दोष निवारण के लिए महत्वपूर्ण।

एकादशी: शुक्ला एकादशी — 10 अगस्त, पवित्रा एकादशी & कृष्णा एकादशी — 24 अगस्त, अजा एकादशी

✨ शुभ मुहूर्त

अगस्त में विवाह और गृह प्रवेश के लिए कुछ शुभ मुहूर्त हैं। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण की पूजा करना अत्यंत फलदायी होता है। पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करें।

हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे।।

यह महामंत्र है, जिसके जाप से मन शांत होता है और भक्ति बढ़ती है।

सितंबर 2026 — भारत

🎉 पर्व एवं व्रत

  • भाद्रपद पूर्णिमा — 28 अगस्त — इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है।
  • संकष्टी चतुर्थी — 2 सितंबर — भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है।
  • इंदिरा एकादशी — 8 सितंबर — भगवान विष्णु की आराधना से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • सर्वपितृ अमावस्या — 13 सितंबर — सभी पितरों के लिए श्राद्ध का दिन।
  • परिवर्तिनी एकादशी — 22 सितंबर — भगवान विष्णु की आराधना से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

🌕 चंद्र तिथियाँ

पूर्णिमा (Full Moon): 28 अगस्त, भाद्रपद पूर्णिमा

अमावस्या (New Moon): 13 सितंबर, सर्वपितृ अमावस्या – सभी पितरों के लिए श्राद्ध कर्म करें।

एकादशी: शुक्ला एकादशी — 8 सितंबर, इंदिरा एकादशी & कृष्णा एकादशी — 22 सितंबर, परिवर्तिनी एकादशी

✨ शुभ मुहूर्त

सितंबर में गृह प्रवेश और नए व्यवसाय की शुरुआत के लिए कुछ शुभ मुहूर्त हैं। सर्वपितृ अमावस्या के दिन पितरों का आशीर्वाद लेना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करें।

ॐ पितृभ्यः नमः

यह पितरों का मंत्र है, जिसके जाप से पितरों की शांति और आशीर्वाद प्राप्त होता है।

अक्टूबर 2026 — भारत

🎉 पर्व एवं व्रत

  • अश्विन नवरात्रि प्रारंभ — 2 अक्टूबर — देवी दुर्गा की नौ दिनों तक पूजा, व्रत और आराधना।
  • संकष्टी चतुर्थी — 1 अक्टूबर — भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है।
  • पापांकुशा एकादशी — 7 अक्टूबर — भगवान विष्णु की पूजा से पापों का नाश होता है।
  • दशहरा — 11 अक्टूबर — बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक, रावण दहन।
  • अश्विन पूर्णिमा — 26 सितंबर — शरद पूर्णिमा, चंद्रमा की किरणों से अमृत वर्षा।
  • इंदिरा एकादशी — 21 अक्टूबर — भगवान विष्णु की आराधना से पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • कार्तिक अमावस्या — 12 अक्टूबर — दीपावली, प्रकाश का पर्व, लक्ष्मी पूजा।

🌕 चंद्र तिथियाँ

पूर्णिमा (Full Moon): 26 सितंबर, अश्विन पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा)

अमावस्या (New Moon): 12 अक्टूबर, कार्तिक अमावस्या (दीपावली) – लक्ष्मी पूजन का महत्व।

एकादशी: शुक्ला एकादशी — 7 अक्टूबर, पापांकुशा एकादशी & कृष्णा एकादशी — 21 अक्टूबर, इंदिरा एकादशी

✨ शुभ मुहूर्त

अक्टूबर में विवाह, गृह प्रवेश और नए व्यवसाय की शुरुआत के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं। दशहरा का दिन भगवान राम की पूजा के लिए अत्यंत शुभ है। दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा करना धन और समृद्धि लाता है। पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करें।

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः

यह देवी लक्ष्मी का मंत्र है, जिसके जाप से धन, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

नवंबर 2026 — भारत

🎉 पर्व एवं व्रत

  • गोवर्धन पूजा — 13 अक्टूबर — भगवान कृष्ण की पूजा, अन्नकूट का भोग।
  • भाई दूज — 14 अक्टूबर — भाई-बहन के प्रेम का त्योहार।
  • संकष्टी चतुर्थी — 31 अक्टूबर — भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है।
  • उत्पन्ना एकादशी — 19 नवंबर — भगवान विष्णु की आराधना से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • कार्तिक पूर्णिमा — 25 अक्टूबर — इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है।
  • मार्गशीर्ष अमावस्या — 10 नवंबर — पितरों के तर्पण के लिए यह दिन विशेष है।

🌕 चंद्र तिथियाँ

पूर्णिमा (Full Moon): 25 अक्टूबर, कार्तिक पूर्णिमा

अमावस्या (New Moon): 10 नवंबर, मार्गशीर्ष अमावस्या – पितरों के लिए श्राद्ध व तर्पण करें।

एकादशी: शुक्ला एकादशी — 5 नवंबर, रमा एकादशी & कृष्णा एकादशी — 19 नवंबर, उत्पन्ना एकादशी

✨ शुभ मुहूर्त

नवंबर में विवाह और गृह प्रवेश के लिए कुछ शुभ मुहूर्त हैं। भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन दान करना पुण्यदायी होता है। पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करें।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

यह भगवान विष्णु का मंत्र है, जिसके जाप से शांति और समृद्धि प्राप्त होती है।

दिसंबर 2026 — भारत

🎉 पर्व एवं व्रत

  • मोक्षदा एकादशी — 4 दिसंबर — भगवान विष्णु की पूजा से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • संकष्टी चतुर्थी — 30 नवंबर — भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है।
  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा — 24 नवंबर — इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का महत्व है।
  • सफला एकादशी — 19 दिसंबर — भगवान विष्णु की आराधना से मनोकामना पूर्ण होती है।
  • पौष अमावस्या — 10 दिसंबर — पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए दान और तर्पण करें।

🌕 चंद्र तिथियाँ

पूर्णिमा (Full Moon): 24 नवंबर, मार्गशीर्ष पूर्णिमा

अमावस्या (New Moon): 10 दिसंबर, पौष अमावस्या – पितरों की कृपा प्राप्त करें।

एकादशी: शुक्ला एकादशी — 4 दिसंबर, मोक्षदा एकादशी & कृष्णा एकादशी — 19 दिसंबर, सफला एकादशी

✨ शुभ मुहूर्त

दिसंबर में विवाह और गृह प्रवेश के लिए कुछ शुभ मुहूर्त हैं। मोक्षदा एकादशी का व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है। पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त का चयन करें।

ॐ नमो नारायणाय

यह भगवान विष्णु का मंत्र है, जिसके जाप से शांति और कल्याण होता है।

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